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इफ़्तार करवाने का सवाब

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इफ्तार करवाने का सवाब 👍 ✍️ जावेद शाह खजराना (दुआग़ो) हजरत #सलमान_फारसी रज़िअल्लाहु तआला ने कहा कि रसूल करीम ने फ़रमाया -' #रमज़ान में मोमिनों की रोजी बढ़ा दी जाती है। और जो शख्स हलाल रोजी में से रोजेदार को इफ़्तार कराएगा उसके गुनाहों की बख्शिश है और उसकी गर्दन #जहन्नुम से आज़ाद कर दी जाएगी। इफ़्तार कराने वाले को भी वही #सवाब मिलेगा जैसा सवाब #रोजा रखने वाले को मिलता है। (सुभान अल्लाह) 🌷 ये सुनकर सहाबियों ने अर्ज किया या #रसूलअल्लाह हम में से हर शख़्स रोजा खुलवाने की हैसियत नहीं रखता। हुजूर ने फरमाया -'#अल्लाह तआला की रहमत् के ख़ज़ाने में कोई कमी नहीं है अल्लाह उस शख्स को भी वही सवाब देगा को रोजेदार को सिर्फ एक घूंट #दूध या एक #खजूर या एक घूंट #पानी से #इफ्तार कराए।' 👍 जिस शख्स ने रोजेदार को भरपेट खाना खिलाया अल्लाह उसे मेरे जन्नती #हौज से पानी पिलाएगा। वो कभी प्यासा ना होगा। यहाँ तक कि इस नेक अमल के सदके में #जन्नत में दाखिल हो जाएगा। सुभान अल्लाह!!!💐💐💐 देखा दोस्तों रोजा खुलवाने की भी कितनी फजीलतें है। बहैसियत हम लम्बी-चौड़ी दावत न सही रोजदार को कम से कम पानी और खजू...

अबु हुरैरा रजि0 की 21 बरकती खजूरें

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*अबु हुरैरा रजि0 की 21 खजूरें जिसमें रसूलअल्लाह ने ऐसी बरकत डाली जो कभी ख़त्म नही होती थी* ✍️ *जावेद शाह खजराना (लेखक)* दोस्तों ये बात सच्ची और इबरत भरी है। अल्लाह ने अपने नबी पर क़ुरआन उतारा। हजरत अबु हुरैरा रजि0 को क़ुरआन याद था। रसूलअल्लाह ने जो नसीहतों भरी बातें बताई वो लिख ली गई। जिसे हदीस कहते है। सबसे ज्यादा हदीस हजरत अबु हुरैरा रजि0 को ही याद थी । उन्होंने तकरीबन 5374 हदीसें लिखी हैं। ये एक अज़ीम रिकार्ड है। जो किसी सहाबी के नाम दर्ज नहीं हुआ। ये सारा इल्म उन्हें प्यारे आका की सोहबत से हासिल हुआ। अबु हुरैरा हमेशा प्यारे नबी की महफिलों में बैठा करते उनकी बातों को गौर से सुनते। याद कर लेते। प्यारे नबी की सोहबत में उन्होंने समझो दुनिया से नाता तोड़ रखा था। उनके सिर्फ 2 ही काम थे इबादत करना और बाकी वक्त रसूलअल्लाह की चौखट पर गुजारना। जो भी रूखा-सूखा रसूलअल्लाह के दर से मिलता खा लिया करते और बचकुचा अपनी बूढ़ी माँ के लिए भी ले जाते। कभी-कभार ऐसे भी हालात पेश आते कि आपको खाने की कोई चीज मयस्सर नहीं होती। कई -कई दिन फाँकों में गुज़ार देते लेकिन मुँह से उफ़्फ़ तक नहीं करते। उनकी बूढ़ी वालि...

ख्वाज़ा की चौखट पर जब मेहबूब साहब ने निम्मी की मां वहीदन बाई की खोज की

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ख्वाज़ा की चौखट पर जब मेहबूब साहब ने निम्मी की मां वहीदन बाई की खोज की ✍️ जावेद शाह खजराना (लेखक) सन 1931-32 के आसपास की बात है। फ़िल्म डायरेक्टर मेहबूब साहब उर्स के मौके पर अजमेर स्थित ख्वाज़ा गरीब नवाज रह0 की मज़ार पर मौजूद थे। गरीब नवाज के आस्ताने पर देशभर से आए गाने-बजाने वाले हाज़िर होकर अपने हुनर की कलाबाजियां दिखा रहे थे। जिनमें मशहूर तवायफें भी शामिल थी। अचानक मेहबूब साहब के कानों में जादूभरी आवाज़ पड़ी। उन्होंने देखा कि एक महिला बहुत सी कर्णप्रिय आवाज से गा रही है। उन्होंने कहा। अरे बाप रे ये गायिका तो जादूगर है। ख्वाजा गरीब नवाज के आस्ताने के बाहर एक खूबसूरत औरत अपने साजिंदों के साथ बहुत ही खूबसूरती से नात और क़व्वाली पढ़ रही है। मेहबूब साहब चूंकि फ़िल्म डायरेक्टर थे फौरन उनके दिमाग में उस औरत की खूबसूरत आवाज और काबलियत को फिल्मों के जरिये सारे हिंद में पेश करने का ख्याल आया। क़व्वाली के प्रोग्राम के बाद मेहबूब साहब ने उस महिला को अपना तआरुफ़ दिया। महिला ने अपना नाम वहीदन बाई बताया जो आगरा से अपने शौहर नवाब के साथ ख्वाजा के दरबार में जियारत और कलाम पेश करने आई थी। मेहबूब साहब ने...

डांसिंग गुरु बेग़म अतिया फ़ैज़ी राहमीन

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डांसिंग गुरु..🤸 हिंदी सिनेमा को सबसे पहली आयटम गर्ल देने वाली फ़नकारा बेग़म अतिया फ़ैज़ी राहमीन ✍️ जावेद शाह खजराना (लेखक) फिल्मों से अगर गीत-संगीत और मचलते डांस को हटा दिया जाए तो #फ़िल्म संसार लगभग बेजान-सा नजर आएगा। गीत-संगीत और #डांस के बगैर फ़िल्म संसार का तसव्वुर बेमानी है। फिल्मों का डांस और #कैबरे देखकर ना जाने कितने लोग थिरके है। डांस बालाओं को देखकर ना जाने कितनों के दिल धड़के हैं। आज हम दिल को धड़काने वाली इंडियन फिल्मों की ऐसी ही खूबसूरत और सबसे पहली डांसर/आयटम गर्ल और उनकी आला उस्ताद के बारे में जानेंगे जिनके दिवाने #हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि #पाकिस्तान में भी हैं। उनके कद्रदानों में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली #जिन्ना से लेकर शिबली नोमानी औऱ #अल्लामा_इक़बाल जैसे आलातरीन नाम भी शरीक हैं। हिंदी फिल्मों के शौकीन सिर्फ इतना जानते है कि हिंदी फिल्मों की सबसे पहली आयटम गर्ल #हेलन है। जानकार लोग हेलेन को डांस सिखाने वाली उनकी गुरु #कुक्कू_मोरे का नाम ले लेते है। लेकिन जो फिल्मी दुनिया के महाज्ञानी है वो #कुक्कू की भी उस्ताद का नाम बड़े अदब से मेडम अजुरी बताते है। बस इसके आगे ...

पार्श्वगायक महेंद्र कपूर इंदौर में

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चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाए हम दोनों ✍️ जावेद शाह खजराना (लेखक) आज महेंद्र कपूर की 88वी वर्षगाठ है। इसलिए आज मैं महेंद्र कपूर की इंदौर यात्रा के बारे में बताऊंगा। आज से 25 साल पहले की बात है। 22 जून सन 1997 बरोज इतवार की सुबह थी। पार्श्वगायक महेंद्र कपूर अपने बेटे रोहन कपूर के साथ मालवीय नगर रिंगरोड पर एक संगीत एकेडमी का उद्घाटन करने आए थे। सुबह-सुबह मालवीय नगर दरगाह के क़रीब संगीत संस्थान में महेंद्र कपूर को देखने और सुनने वालों की भीड़ थी। गर्मी का मौसम में माहौल में भी गर्मी थी। जानेमाने लीजेंड मेरे फेवरेट सिंगर को देखने मैं भी पहुँच गया। महेंद्र कपूर साहब ने यहां कुछ खास नहीं गाया क्योंकि संगीत का रंगारंग प्रोग्राम तो दोपहर में रवींद्र नाट्यगृह में रखा गया था। रिंगरोड नया-नया बना था। फिर भी भीड़ थी। भीड़भाड़ होने की वजह से मुझे ऑटोग्राफ लेने का कोई मौका नहीं मिला। संगीत एकेडमी के डॉयरेक्टर से मेरी जान-पहचान थी। इसलिए प्रोग्राम में आने-जाने में मुझे कोई रुकावट नहीं थी। ख़ैर दोपहर 1 बजे में रविन्द्र नाट्यगृह में पहले 'आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर कुर्सी पर काबिज हो गया। मैंने प...

इंदौर के मंडलोई जी ने बनाई थी रानी रूपमती फ़िल्म

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इंदौर के मंडलोई जी ने बनाई थी रानी रूपमती फ़िल्म❤️ ✍️ जावेद शाह खजराना (लेखक) वैसे तो हमारे इंदौर में फिल्मों की शुटिंग की इब्तिदा सन 1950 में भारत की पहली टेक्नीकलर फ़िल्म 'आन' से हो चुकी थी। बाद में भी कई सुपर हिट फिल्मों की शूटिंग यहाँ हुई। किस्मत की बात है कि इंदौर और आसपास फिल्माई गई सभी फिल्मों ने गौरवशाली इतिहास रचा है। इंदौर और खजराना में 'आन' की शूटिंग के बाद देवास के शाजापुर में श्री 420 और भोपाल के बुधनी में नयादौर फ़िल्म की शूटिंग हुई। ये सभी कामयाब फ़िल्में थी। ऐसे में इंदौर के प्रोड्यूसर कैसे खामोश बैठते? रानी रूपमती के गढ़ निमाड़ अंचल से ताल्लुक़ रखने वाले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मरहूम श्री भगवंतराव मंडलोई साहब के परिवार से जुड़े इंदौर निवासी जनाब आर0एन0 मंडलोईजी ने सन पचास के दौर में सती नागकन्या, महासती सावित्री, राम -हनुमान युद्ध से लेकर जय गणेश तक आधा दर्जन धार्मिक ऐतिहासिक फि़ल्में बनाईं थी लिहाज़ा उन्होंने अपने इलाके की मशहूर प्रेमकथा को पर्दे पर साकार करने का इरादा किया। जी हाँ दोस्तों 1957 की सुपरहिट फिल्म रानी रूपमती के प्रोड्यूसर आर0एन0मंड...

कॉमेडियन राजेंद्र नाथ और उनकी बहन कृष्णा राजकपूर

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Comedian Rajendra Nath and His Sister Krishna Raj Kapoor